कोरोना वायरस के बुरे समय में यह ज्यादा सोचने लायक हैं- क्या आपने कभी विचार किया है कि, प्रत्येक वर्ष रथ यात्रा के ठीक पहले भगवान जगन्नाथ क्यों स्वयं बीमार पड़ते हैं। उन्हें बुखार एवं सर्दी हो जाती है।

बीमारी की इस हालत में उन्हें Quarantine किया जाता है जिसे मंदिर की भाषा में अनासार कहा जाता है। भगवान को 14 दिन तक एकांतवास यानी Isolation में रखा जाता है।

आपने ठीक पढ़ा है 14 दिन ही। Isolation की इस अवधि में भगवान के दर्शन बंद रहते हैं एवं भगवान को जड़ीबूटियों का पानी आहार में दिया जाता है यानी Liquid diet और यह परंपरा हजारों साल से चली आ रही है।

अब बीसवीं सदी में पश्चिमी लोग हमें पढ़ा रहे हैं कि Isolation & Quarantine का समय 14 दिन होना चाहिए।

वो हमें ऐसा पढ़ा सकते हैं क्योंकि हम स्वयं सोचते हैं कि हिंदू धर्म अन्धविश्वास से भरा हुआ अवैज्ञानिक धर्म है।

जो आज हमें पढ़ाया जा रहा है हमारे पूर्वज हजारों साल पहले से जानते थे।

गर्व करो अपने धर्म पर, अपनी सभ्यता पर और अपनी परंपराओं पर।

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